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07.07.2026 11:24 AM
7 जुलाई के लिए GBP/USD ट्रेडिंग सिफारिशें और विश्लेषण: पाउंड का प्रदर्शन अच्छा बना हुआ है

GBP/USD विश्लेषण (5 मिनट टाइमफ्रेम)

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GBP/USD जोड़ी ने सोमवार को अपनी ऊपर की ओर बढ़त जारी रखी, जो EUR/USD जोड़ी के बिल्कुल विपरीत है, क्योंकि EUR/USD में अभी भी कोई खास हलचल नहीं दिखाई दे रही है। ब्रिटिश पाउंड, यूरो की तुलना में कहीं अधिक तार्किक तरीके से कारोबार कर रहा है।

यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि हाल में पाउंड में आई गिरावट के पीछे कोई मजबूत कारण मौजूद नहीं थे। कई विशेषज्ञों ने ब्रिटेन के एक और प्रधानमंत्री के इस्तीफे को संकट के रूप में देखा। वहीं, फेडरल रिजर्व (Fed) द्वारा संभावित ब्याज दर बढ़ोतरी के संकेतों को डॉलर की बड़े पैमाने पर खरीदारी के लिए पर्याप्त कारण माना गया।

दूसरी ओर, पिछले कुछ हफ्तों में भू-राजनीतिक कारकों (Geopolitical Factors) को काफी हद तक नजरअंदाज किया गया है। हमने लगातार कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती तर्कसंगत नहीं है। अब यह तेजी समाप्त हो चुकी है और ब्रिटिश मुद्रा में एक तार्किक सुधार (Recovery) शुरू हो गया है, क्योंकि बिना ठोस कारणों के गिरावट के कारण पाउंड ने काफी मूल्य खो दिया था।

सोमवार को बाजार ने अमेरिका के ISM Services PMI डेटा पर भी विशेष ध्यान नहीं दिया, जबकि इससे डॉलर में गिरावट की उम्मीद नहीं थी। लेकिन अब यह महत्वपूर्ण नहीं रह गया है। डॉलर काफी लंबे समय तक मजबूत रहा है और अपने सभी सकारात्मक कारकों को पहले ही कीमतों में शामिल कर चुका है।

डेली टाइमफ्रेम पर पाउंड ने साइडवेज़ रेंज की निचली सीमा से ऊपर की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है और अब यह उसी रेंज की ऊपरी सीमा की ओर बढ़ रहा है। इसके बावजूद दीर्घकालिक तेजी का रुझान बना हुआ है। यही स्थिति यूरो के लिए भी अपेक्षित है।

तकनीकी दृष्टिकोण:

तकनीकी रूप से, ब्रिटिश पाउंड अभी भी अपट्रेंड में बना हुआ है, जिसे ट्रेंड लाइन से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

1.3369–1.3377 का क्षेत्र टूट चुका है, जिससे ब्रिटिश मुद्रा को अपनी हालिया बढ़त को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

इस सप्ताह महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाएँ बहुत कम होंगी, इसलिए ट्रेडर्स मुख्य रूप से तकनीकी विश्लेषण पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। हमारा मानना है कि दैनिक चार्ट पर बने साइडवेज़ चैनल के भीतर तेजी की चाल कम से कम जारी रहनी चाहिए।

5-मिनट टाइमफ्रेम विश्लेषण:

सोमवार को एक खरीद (Buy) सिग्नल बना।

अमेरिकी ट्रेडिंग सत्र के दौरान कीमत ने 1.3369–1.3377 क्षेत्र को ऊपर की ओर तोड़ा। इसलिए ट्रेडर्स लॉन्ग (Buy) पोज़िशन खोल सकते थे, जिसे मंगलवार तक जारी रखा जा सकता है।

COT रिपोर्ट

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ब्रिटिश पाउंड (GBP) से संबंधित COT रिपोर्ट से पता चलता है कि हाल के वर्षों में वाणिज्यिक ट्रेडर्स (Commercial Traders) की भावना लगातार बदलती रही है। कमर्शियल और नॉन-कमर्शियल ट्रेडर्स की नेट पोज़िशन दिखाने वाली लाल और नीली रेखाएँ अक्सर एक-दूसरे को क्रॉस करती हैं और सामान्य रूप से शून्य (Zero) स्तर के करीब रहती हैं।

वर्तमान में ये दोनों रेखाएँ एक-दूसरे से अलग हो रही हैं, जबकि नॉन-कमर्शियल ट्रेडर्स अभी भी अपनी शॉर्ट (Sell) पोज़िशन के साथ बाजार में हावी हैं।

मध्य पूर्व की घटनाओं को देखते हुए, यह आश्चर्यजनक नहीं है कि वर्ष 2026 में जोखिम वाली मुद्राओं (Risk Currencies) की मांग कमजोर रही। हालांकि, युद्ध समाप्त होने के बाद अब डॉलर खरीदने के कारण काफी कम हो गए हैं। इसके बावजूद, पेशेवर ट्रेडर्स की कम मांग के कारण भी ब्रिटिश पाउंड में दीर्घकालिक रूप से कोई बड़ी गिरावट नहीं आई है।

दीर्घकालिक दृष्टिकोण से, डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण अमेरिकी डॉलर में गिरावट जारी रह सकती है, जिसे साप्ताहिक (Weekly) टाइमफ्रेम पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।

व्यापार युद्ध (Trade War) किसी न किसी रूप में लंबे समय तक जारी रह सकता है, और ट्रंप की नीतियाँ प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष दोनों तरीकों से अमेरिकी मुद्रा को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं।

दीर्घकालिक ऊपर की ओर रुझान (Uptrend) अभी भी बना हुआ है, जैसा कि ट्रेंड लाइन से संकेत मिलता है। पिछले सप्ताह कीमत इस ट्रेंड लाइन तक पहुँची और वहाँ से उछाल (Bounce) देखने को मिला।

नवीनतम COT रिपोर्ट (30 जून की तारीख वाली) के अनुसार:

  • "Non-commercial" समूह ने 3,600 BUY कॉन्ट्रैक्ट बंद किए
  • इस समूह ने 7,200 SELL कॉन्ट्रैक्ट खोले

इसका परिणाम यह हुआ कि सप्ताह के दौरान नॉन-कमर्शियल ट्रेडर्स की नेट पोज़िशन में 3,600 कॉन्ट्रैक्ट की और कमी आई।

GBP/USD विश्लेषण (1 घंटे का टाइमफ्रेम)

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घंटे के टाइमफ्रेम (1H) पर, GBP/USD जोड़ी अभी भी एक ऊपर की ओर बढ़ते ट्रेंड (Uptrend) का निर्माण कर रही है। दीर्घकालिक दृष्टिकोण से, ब्रिटिश पाउंड में गिरावट के कारण अभी भी बहुत कम हैं, जबकि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने के कारण भी सीमित हैं।

हाल के समय में बाज़ार ने अधिकांश फंडामेंटल, भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक घटनाओं को नजरअंदाज किया है। वहीं, डेली टाइमफ्रेम पर यह जोड़ी अभी भी साइडवेज़ रेंज के निचले हिस्से में स्थित है। इसलिए हमारा अनुमान है कि आने वाले समय में तेजी की चाल जारी रह सकती है।

7 जुलाई के लिए महत्वपूर्ण स्तर:

  • 1.3042–1.3050
  • 1.3096–1.3115
  • 1.3179–1.3187
  • 1.3301–1.3309
  • 1.3369–1.3377
  • 1.3465–1.3480
  • 1.3588
  • 1.3671–1.3681

इसके अलावा:

  • Senkou Span B: 1.3260
  • Kijun-sen: 1.3307

ये लाइनें भी ट्रेडिंग सिग्नल के स्रोत के रूप में काम कर सकती हैं।

यदि कीमत ट्रेड की दिशा में 20 पिप्स आगे बढ़ती है, तो Stop Loss को ब्रेकईवन (Entry Point) पर सेट करने की सलाह दी जाती है। इससे गलत सिग्नल की स्थिति में संभावित नुकसान से बचाव होगा।

ध्यान रखें कि Ichimoku इंडिकेटर की लाइनें दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल निर्धारित करते समय इसे ध्यान में रखना आवश्यक है।

मंगलवार का आर्थिक परिदृश्य:

मंगलवार को ब्रिटेन से कोई महत्वपूर्ण आर्थिक घटना या रिपोर्ट जारी नहीं होनी है। वहीं, अमेरिका से केवल साप्ताहिक ADP श्रम बाज़ार रिपोर्ट जारी होगी।

हालांकि, ब्रिटिश पाउंड पिछले दो सप्ताह से मजबूत हो रहा है, लेकिन यह तेजी मैक्रोइकोनॉमिक कारणों से नहीं है। हमारा मानना है कि बाज़ार ने डॉलर खरीदने के सभी संभावित कारणों को लगभग समाप्त कर दिया है, जिनमें से कई कारण पहले से ही कमजोर या निराधार थे।

ट्रेडिंग सिफारिशें:

  • यदि GBP/USD जोड़ी 1.3369–1.3377 क्षेत्र के नीचे स्थिर होती है, तो ट्रेडर्स 1.3301–1.3309 क्षेत्र के लक्ष्य के साथ शॉर्ट (Sell) पोज़िशन पर विचार कर सकते हैं।
  • यदि कीमत 1.3369–1.3377 क्षेत्र को ऊपर की ओर तोड़ देती है, तो लॉन्ग (Buy) पोज़िशन बनाए रखी जा सकती है, जिसका लक्ष्य 1.3465–1.3480 क्षेत्र होगा।

चार्ट में उपयोग किए गए संकेतकों की व्याख्या:

  • सपोर्ट और रेज़िस्टेंस स्तर: मोटी लाल रेखाओं द्वारा दर्शाए जाते हैं, जहाँ कीमत की चाल रुक सकती है। ये सीधे ट्रेडिंग सिग्नल नहीं होते।
  • Kijun-sen और Senkou Span B लाइनें: ये Ichimoku इंडिकेटर की लाइनें हैं, जिन्हें 4 घंटे के टाइमफ्रेम से 1 घंटे के चार्ट पर स्थानांतरित किया गया है। इन्हें मजबूत स्तर माना जाता है।
  • Extreme Levels: पतली लाल रेखाओं से दिखाए जाते हैं, जहाँ पहले कीमत ने पलटाव किया था। ये ट्रेडिंग सिग्नल के स्रोत के रूप में काम करते हैं।
  • पीली रेखाएँ: ट्रेंड लाइन, ट्रेंड चैनल और अन्य तकनीकी पैटर्न को दर्शाती हैं।
  • COT चार्ट का Indicator 1: प्रत्येक ट्रेडर श्रेणी के लिए नेट पोज़िशन का आकार दिखाता है।

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