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16.07.2026 06:00 AM
EUR/USD के लिए ट्रेडिंग सिफारिशें और विश्लेषण। 16 जुलाई। क्या साइडवेज़ (Flat) दौर खत्म हो गया है?

EUR/USD का 5-मिनट (5M) चार्ट विश्लेषण

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बुधवार को EUR/USD मुद्रा जोड़ी में अच्छी-खासी तेजी देखने को मिली, लेकिन इसका अधिकांश हिस्सा एक बार फिर साइडवेज़ (Sideways) चैनल के भीतर ही रहा। याद रहे कि इस सप्ताह कम से कम दो ऐसी आर्थिक रिपोर्टें जारी हुईं, जिनसे अमेरिकी डॉलर की मांग में उल्लेखनीय कमी आनी चाहिए थी।

सबसे पहले, अमेरिका के महंगाई (Inflation) के आंकड़े अपेक्षा से काफी कम आए। इसके बाद उत्पादक मूल्य सूचकांक (Producer Price Index - PPI) भी उम्मीद से कम रहा। इन दोनों कमजोर महंगाई संकेतकों से यह संकेत मिलता है कि फेडरल रिजर्व (Fed) के लिए मौद्रिक नीति को और सख्त (Tighten) करने की आवश्यकता कम हो सकती है। हालांकि, वास्तव में ऐसा करना जरूरी होगा या नहीं, यह अभी भी एक बड़ा सवाल बना हुआ है।

यदि महंगाई लगातार घट रही है, तो फिलहाल केंद्रीय बैंक के पास ब्याज दरें बढ़ाने का कोई तत्काल कारण नहीं है। इसलिए संभावना है कि फेड कम से कम सितंबर तक अपनी वर्तमान 'वेट-एंड-वॉच' (Pause) नीति को जारी रखेगा।

इसके बाद की दिशा फिर से महंगाई पर निर्भर करेगी, और महंगाई का रुख काफी हद तक मध्य पूर्व की भू-राजनीतिक घटनाओं से प्रभावित होगा। अमेरिकी कांग्रेस में केविन वार्श के भाषण से भी ट्रेडर्स को कोई नई या महत्वपूर्ण जानकारी नहीं मिली।

तकनीकी दृष्टिकोण से देखें तो मुद्रा जोड़ी 1.1461 के स्तर के ऊपर बंद होने में सफल रही, जिसे हमने पहले साइडवेज़ चैनल की ऊपरी सीमा बताया था। इससे संकेत मिलता है कि पिछले तीन सप्ताह से जारी साइडवेज़ कारोबार (Flat) अब समाप्त हो सकता है।

हम यूरो में तेजी के पक्ष का समर्थन करते हैं, क्योंकि हमारा मानना है कि फिलहाल बाजार के पास अमेरिकी डॉलर की आक्रामक खरीदारी जारी रखने का कोई ठोस कारण नहीं बचा है। दीर्घकालिक अपट्रेंड (Uptrend) अभी भी बरकरार है और फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक नीति को सख्त करना अभी तय नहीं हुआ है।

5-मिनट (5M) के चार्ट पर बुधवार को एक खरीद (Buy) का संकेत बना। लगभग 6 घंटे तक यह मुद्रा जोड़ी Senkou Span B और Kijun-sen लाइनों के क्षेत्र से उछाल (Rebound) बनाती रही। इसके बाद कीमत में लगभग 45 पिप्स की तेजी आई और इस दौरान 1.1461 का स्तर भी पार कर लिया गया।

यदि यह तेजी बनी रहती है, तो आज भी ऊपर की ओर बढ़त जारी रहने की संभावना है।

COT (Commitments of Traders) रिपोर्ट

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नवीनतम COT (Commitments of Traders) रिपोर्ट 7 जुलाई की है। गैर-व्यावसायिक (Non-commercial) ट्रेडर्स की शुद्ध पोज़िशन (Net Position) अभी भी बुलिश (Bullish) बनी हुई है, लेकिन भू-राजनीतिक घटनाओं के कारण इसमें उल्लेखनीय गिरावट आई है। पिछले कुछ महीनों में ट्रेडर्स ने यूरो की होल्डिंग कम करके अमेरिकी डॉलर को प्राथमिकता दी है। डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों में कोई बदलाव नहीं आया है, लेकिन कुछ समय के लिए अमेरिकी डॉलर ने एक बार फिर "रिजर्व करेंसी (Reserve Currency)" की भूमिका निभाई। हालांकि, यह प्रक्रिया अब संभवतः पूरी हो चुकी है।

हम अभी भी ऐसे कोई मजबूत मौलिक (Fundamental) कारण नहीं देखते जो यूरो को विशेष मजबूती दें, लेकिन ऐसे कई कारण मौजूद हैं जो अमेरिकी डॉलर को कमजोर कर सकते हैं।

मध्य पूर्व का युद्ध कुछ समय के लिए डॉलर को बेहद आकर्षक बना रहा, लेकिन जब यह भू-राजनीतिक प्रभाव कम होगा, तो परिस्थितियां फिर सामान्य हो सकती हैं। संभव है कि यह प्रभाव अब पहले ही कम होना शुरू हो चुका हो।

दीर्घकाल (Long Term) में यूरो 1.08 डॉलर (ट्रेंड लाइन) के स्तर तक गिर सकता है, लेकिन इसके बावजूद दीर्घकालिक तेजी (Uptrend) अभी भी बरकरार रहेगी। उल्लेखनीय बात यह है कि हाल के महीनों में डॉलर की मजबूती के बावजूद EUR/USD इस ट्रेंड लाइन के बहुत करीब भी नहीं पहुंच पाया।

इंडिकेटर की लाल (Red) और नीली (Blue) रेखाओं की स्थिति यह दर्शाती है कि फिलहाल बुल्स और बियर्स के बीच लगभग संतुलन (Parity) बना हुआ है।

पिछले रिपोर्टिंग सप्ताह में "Non-commercial" श्रेणी के ट्रेडर्स की:

  • लॉन्ग (Long) पोज़िशन में 12,200 कॉन्ट्रैक्ट की कमी आई।
  • शॉर्ट (Short) पोज़िशन में 5,100 कॉन्ट्रैक्ट की बढ़ोतरी हुई।

इसके परिणामस्वरूप नेट पोज़िशन एक सप्ताह में 17,300 कॉन्ट्रैक्ट घट गई।

EUR/USD का 1-घंटे (1H) चार्ट विश्लेषण

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प्रति घंटा (1H) चार्ट पर दो महीने से जारी गिरावट (Downtrend) के भीतर एक सुधारात्मक तेजी (Corrective Uptrend) बनती हुई दिखाई दे रही है और ऐसा माना जा रहा है कि साइडवेज़ (Flat) चरण अब समाप्त हो चुका है। मध्य पूर्व की स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है और उसमें कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है। बाजार अब भी यूरो के पक्ष में मौजूद कई सकारात्मक कारकों को नजरअंदाज कर रहा है, लेकिन जैसे-जैसे निवेशक अमेरिकी डॉलर का दोबारा मूल्यांकन कर रहे हैं, यूरो धीरे-धीरे फिर से मजबूती हासिल कर रहा है।

16 जुलाई के लिए प्रमुख ट्रेडिंग स्तर इस प्रकार हैं:

  • 1.1234
  • 1.1274
  • 1.1362
  • 1.1461
  • 1.1536 – 1.1542
  • 1.1585
  • 1.1657 – 1.1666
  • 1.1750 – 1.1760
  • 1.1786
  • 1.1830 – 1.1837

इसके अलावा:

  • Senkou Span B: 1.1415
  • Kijun-sen: 1.1430

ध्यान रखें कि Ichimoku Indicator की ये रेखाएं दिन के दौरान बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल निर्धारित करते समय इसे ध्यान में रखना चाहिए।

यदि कीमत सही दिशा में 15 पिप्स बढ़ जाती है, तो स्टॉप लॉस (Stop Loss) को ब्रेक-ईवन (Break-even) पर ले जाना न भूलें। इससे यदि सिग्नल गलत साबित हो जाए, तो संभावित नुकसान से बचाव हो सकेगा।

गुरुवार को अमेरिका में रिटेल सेल्स (Retail Sales) और बेरोज़गारी दावों (Unemployment Claims) के आंकड़े जारी होंगे, जबकि यूरोपीय संघ (EU) के आर्थिक कैलेंडर में कोई महत्वपूर्ण कार्यक्रम नहीं है।

हम इन अमेरिकी रिपोर्टों को बहुत अधिक प्रभावशाली नहीं मानते, इसलिए आज बाजार में तकनीकी कारकों (Technical Factors) का प्रभाव अधिक रहने की संभावना है। यदि वास्तव में साइडवेज़ (Flat) दौर समाप्त हो चुका है, तो यूरो में तेजी आगे भी जारी रह सकती है।

ट्रेडिंग सुझाव:

  • यदि कीमत 1.1461 के नीचे स्थिर हो जाती है, तो शॉर्ट (Sell) पोज़िशन पर विचार किया जा सकता है, जिनके लक्ष्य:
    • 1.1415
    • 1.1362
  • यदि कीमत 1.1461 के ऊपर बनी रहती है, तो लॉन्ग (Buy) पोज़िशन बनाए रखी जा सकती हैं। संभावित लक्ष्य:
    • 1.1536 – 1.1542

कल यह मुद्रा जोड़ी 1.1461 के ऊपर बंद हुई थी, जो साइडवेज़ चैनल की ऊपरी सीमा मानी जा रही है। हालांकि, फिलहाल EUR/USD की अस्थिरता (Volatility) अभी भी अपेक्षाकृत कम बनी हुई है।

चार्ट में प्रयुक्त संकेतकों का अर्थ:

  • समर्थन और प्रतिरोध स्तर (Support/Resistance): चार्ट पर मोटी लाल रेखाएं, जहां कीमत की चाल रुक सकती है। ये स्वयं ट्रेडिंग सिग्नल नहीं देतीं।
  • Kijun-sen और Senkou Span B: ये Ichimoku Indicator की प्रमुख रेखाएं हैं, जिन्हें 4-घंटे (4H) के चार्ट से 1-घंटे (1H) के चार्ट पर लागू किया गया है। इन्हें मजबूत तकनीकी स्तर माना जाता है।
  • एक्सट्रीम लेवल्स (Extreme Levels): पतली लाल रेखाएं, जहां से पहले कीमत पलटी थी। ये संभावित ट्रेडिंग सिग्नल प्रदान करती हैं।
  • पीली रेखाएं (Yellow Lines): ट्रेंड लाइन, ट्रेंड चैनल और अन्य तकनीकी पैटर्न को दर्शाती हैं।
  • COT चार्ट का इंडिकेटर 1: यह प्रत्येक श्रेणी के ट्रेडर्स की नेट पोज़िशन (Net Position) का आकार दिखाता है।

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