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GBP/USD मुद्रा जोड़ी ने शुक्रवार को हाल के हफ्तों में जारी ऊपर की ओर रुझान (Uptrend) के बीच थोड़ी गिरावट दर्ज की, हालांकि इसने अपना ट्रेंड बनाए रखा।
घंटे के टाइमफ्रेम (1H) पर यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि जोड़ी अभी भी ऊपर की ओर बढ़ रही है। इसलिए 1.3369–1.3377 क्षेत्र से उछाल (Bounce) ब्रिटिश मुद्रा में तकनीकी आधार पर एक नए अपट्रेंड की शुरुआत कर सकता है।
इसके विपरीत, यदि कीमत 1.3369–1.3377 क्षेत्र के नीचे स्थिर होती है, तो जोड़ी में गिरावट जारी रह सकती है और यह Senkou Span B लाइन तक जा सकती है।
शुक्रवार को कोई महत्वपूर्ण मैक्रोइकोनॉमिक या फंडामेंटल घटना नहीं हुई थी, लेकिन सप्ताहांत के दौरान यह जानकारी सामने आई कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक जहाजों पर नए हमले किए हैं और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया है।
इससे भू-राजनीतिक तनाव बढ़ रहा है और स्थिति और जटिल होती जा रही है, जो अमेरिकी डॉलर को समर्थन दे सकता है।
जैसा कि हम देख सकते हैं, मध्य पूर्व में शांति समझौता होने के बाद भी वास्तविक शांति की स्थिति नहीं बनी है। तेल की कीमतें फिर से तेजी से बढ़ी हैं और वर्तमान गति को देखते हुए वे दोबारा 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।
केंद्रीय बैंकों की मौद्रिक नीति पूरी तरह से महंगाई (Inflation) पर निर्भर करेगी, और महंगाई पर तेल की कीमतों का सीधा प्रभाव पड़ता है।
तकनीकी रूप से ब्रिटिश पाउंड अभी भी ऊपर की ओर रुझान में बना हुआ है, जिसे ट्रेंड लाइन से स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
1.3369–1.3377 क्षेत्र टूट चुका है और अब यह सपोर्ट स्तर के रूप में काम कर रहा है।
आने वाले दिनों में जोड़ी की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि ट्रेंड लाइन टूटती है या नहीं।
शुक्रवार को 5-मिनट टाइमफ्रेम पर कोई ट्रेडिंग सिग्नल नहीं बना।
जोड़ी पूरे दिन गिरावट में रही और केवल रात में 1.3369–1.3377 क्षेत्र तक पहुंची।
इसलिए बहुत जल्द एक नया ट्रेडिंग सिग्नल बन सकता है। शुक्रवार को ट्रेडर्स के लिए बाजार में प्रवेश करने का कोई उचित आधार मौजूद नहीं था।
ब्रिटिश पाउंड के लिए COT रिपोर्ट (Commitments of Traders Report) दिखाती है कि गैर-वाणिज्यिक ट्रेडर्स (Non-commercial Traders) में पिछले कई महीनों से सेल पोजीशन (Sell Positions) वाले ट्रेडर्स का दबदबा बना हुआ है।
लंबे समय से जारी ऊपर की ओर रुझान (Uptrend) के बावजूद नेट पोजीशन (Net Position) नकारात्मक बनी हुई है। मध्य पूर्व की घटनाओं को देखते हुए यह आश्चर्यजनक नहीं है कि जोखिम वाली मुद्राओं (Risk Currencies) की मांग अभी भी कमजोर बनी हुई है।
औपचारिक रूप से युद्ध समाप्त हो चुका है, लेकिन संघर्ष अभी भी जारी है। निकट भविष्य में भू-राजनीतिक तनाव अमेरिकी डॉलर की मांग को समर्थन दे सकता है।
हालांकि, जब तक कीमत ट्रेंड लाइन के नीचे स्थिर नहीं होती, तब तक हम इस जोड़ी में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं करते।
लंबी अवधि में डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के कारण डॉलर में गिरावट जारी रह सकती है, जैसा कि साप्ताहिक टाइमफ्रेम (Weekly Timeframe) पर स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
व्यापार युद्ध (Trade War) किसी न किसी रूप में लंबे समय तक जारी रह सकता है और ट्रंप की नीतियां प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अमेरिकी मुद्रा को कमजोर करने की दिशा में काम कर रही हैं।
लंबी अवधि का ऊपर की ओर रुझान अभी भी कायम है, जिसकी पुष्टि ट्रेंड लाइन से होती है। हाल ही में कीमत इस लाइन तक पहुंची और वहां से उछाल (Bounce) लिया।
"Non-commercial" समूह में:
इसका परिणाम यह हुआ कि गैर-वाणिज्यिक ट्रेडर्स की नेट पोजीशन में सप्ताह के दौरान 14,200 कॉन्ट्रैक्ट की वृद्धि हुई।
हालांकि, यह बदलाव पेशेवर ट्रेडर्स की कुल बाजार भावना (Overall Sentiment) को बहुत अधिक प्रभावित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।
घंटे के टाइमफ्रेम (1H) पर GBP/USD जोड़ी में ऊपर की ओर रुझान (Uptrend) बनना जारी है।
लंबी अवधि में ब्रिटिश पाउंड के पास अभी भी गिरावट के कोई मजबूत कारण नहीं हैं, जबकि अमेरिकी डॉलर के पास मजबूती हासिल करने के पर्याप्त कारण नहीं हैं।
हाल ही में बाजार ने अधिकांश फंडामेंटल, भू-राजनीतिक और मैक्रोइकोनॉमिक घटनाओं को नजरअंदाज किया है। डेली टाइमफ्रेम पर जोड़ी ने साइडवेज चैनल (Sideways Channel) की निचली सीमा से ऊपरी सीमा की ओर बढ़ना शुरू कर दिया है। इसलिए, हम अभी भी ऊपर की ओर बढ़त की उम्मीद कर रहे हैं।
ट्रेडिंग के लिए निम्न स्तरों को महत्वपूर्ण माना जा सकता है:
इसके अलावा, निम्न Ichimoku इंडिकेटर लाइनें भी सिग्नल के स्रोत के रूप में काम कर सकती हैं:
यदि कीमत सही दिशा में 20 पिप्स आगे बढ़ती है, तो Stop Loss को ब्रेक-ईवन (Breakeven) स्तर पर सेट करने की सलाह दी जाती है।
ध्यान रखें कि Ichimoku इंडिकेटर की लाइनें पूरे दिन बदल सकती हैं, इसलिए ट्रेडिंग सिग्नल तय करते समय इस बदलाव को ध्यान में रखना चाहिए।
सोमवार को ब्रिटेन में कोई महत्वपूर्ण आर्थिक घटना या रिपोर्ट निर्धारित नहीं है और अमेरिका का आर्थिक कैलेंडर भी खाली है।
इसलिए आज बाजार की चाल मुख्य रूप से तकनीकी संकेतों पर निर्भर रहेगी और संभवतः कमजोर (Low Volatility) रह सकती है।